भस्त्रिका प्राणायाम: :- Bhastrika Pranayama करने का तरीका और इसके फायदे


भस्त्रिका प्राणायाम:  :- Bhastrika Pranayama 


नमस्कार दोस्तों

दोस्तों आज हम आपके लिए लेके आए है एक ऐसा योग एक ऐसा प्राणायाम जो आपके स्वास्थय को ठीक बनाएं रखने के लिए क़ारगर साबित होगा। जो बहुत ही महत्वपूर्ण योग है जिसे आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर एक सुखी और निरोगी जीवन व्यतित कर सकते है। क्योकि यह एक बहुयामी प्राणायाम है जो शरीर के बहुत से अंगो को प्रभावित करता है।

भस्त्रिका प्राणायाम संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है ''धोकनी ''  जी हाँ आपने सही पढ़ा वही धोकनी जिसकी मदद से एक लौहार तेज हवा छोड़ लोहे को तपाता है और लोहे में से अशुद्धियो एवं नकारात्मकता को दूर करता है ठीक उसी प्रकार भस्त्रिका प्राणायाम हमारे शरीर के अंदर की अशुद्धियो एवं नकारात्मकता को दूर करता है एक धोकनी की भाँति तेज प्रबल वेग से अशुद्ध हवा को बाहर निकालता है एवम उसी तेज प्रबल वेग से शुद्ध हवा को अंदर लेता है। 
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भस्त्रिका प्राणायाम करने का तरीका :-


1 भस्त्रिका प्राणायाम करने के लिए प्रातकाल का समय उचित होता है। कोई समतल सी जगह देख कर मेट या चटाई बिछा ले। 

2 उसके बाद चटाई पर पद्मासन अवस्था में बैठ जाए। भस्त्रिका प्राणायाम को करते समय आपको एक स्थिर अवस्था में बैठ जाना है।

3 आपकी गर्दन ,कमर एवं सिर बिलकुल सीधा एवम सीना तना हुआ होना चाहिए। अपनी आँखे एवं मुँह को बंद कर ले।

4 अब नासिका द्वारा धिरे -धिरे एक गहरी साँस अपने अंदर भरें। पूरी श्वास को अंदर भरने के बाद ,अपनी नासिका द्वारा  तेज वेग से श्वास को बाहर निकाले। 

5  भस्त्रिका प्राणायाम में श्वास लेते समय आपके फेफड़े फूलने चाहिए और छोड़ते समय फेफड़े सिकुड़ने चाहिए।

6 एक राउंड में आप श्वास को 15 से 20 बार अंदर या बाहर कर सकते है फिर थोड़ा आराम करके दुबारा शुरू कर सकते है।

भस्त्रिका प्राणायाम करने के फायदे :-


1 भस्त्रिका प्राणायाम करने से दमा , टीवी ,कैंसर ,एवं पुरानी खासी की बीमारी से निज़ात पा सकते है

2  फेफड़ो के रोग को दूर भगा फेफड़ो को मजबूती प्रदान करता है।

3  शरीर में ऊर्जा एवं मन की शांति बनाए रखने के लिए कारगर साबित होता है। 

4  शरीर का वजन कम कर पेट की चर्बी को दूर भगाता है।

5  पाचन शक्ति एवं रक्त संचार प्रक्रिया में सुधार लाता है।

6  नाड़ियों संबंधित एक ह्रदय संबंधित बीमारियों को दूर भगाता है।

भस्त्रिका प्राणायाम करते समय सावधानियाँ :-


1  भस्त्रिका प्राणायाम करने से पहले नाक बिल्कुल साफ कर लें।

2  भ्रस्त्रिका प्राणायाम प्रात: खुली और साफ हवा में करना चाहिए।

3  गर्भवती महिला इस योग को ना करें।

4  हर्निया के रोगी, हृदय रोगी, मिर्गी के रोगी, पथरी के रोगी, इस प्राणयाम से परहेज रखे।

5  अल्सर के रोगी, उच्च रक्त चाप के रोगी, सायनस के रोगी, इसे न करें।

6  मस्तिष्क आघात रोगी  इन सभी अवस्था वाले व्यक्ति भस्त्रिका प्राणायाम का प्रयाग न करे।

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