सर्वांगासन प्राणायाम:- (Sarvangasana Paranayam) करने का तरीका और फायदे

सर्वांगासन प्राणायाम:- (Sarvangasana Paranayam) 


नमस्कार दोस्तों

दोस्तों आज हम आपके लिए लाए है ऐसे प्राणायाम की जानकारी जो आपके शरीर के प्रतेक अंग के लिए लाभदायक है जैसा इसके नाम से प्रतीत होता है सर्वांगासन। ( सर्व-अंग -आसन ) सर्वांगासन में सम्पूर्ण आसन का व्यायाम होता है जिसे करने से प्रतेक शरीर का अंग सवस्थ रहता है मन शांत रहता है एवं यह आसन व्यक्ति को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है, सर्वांगासन को सभी आसनों की जननी भी कहा जाता है।
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सर्वांगासन करने का तरीका :-


1 सर्वांग आसन करने के लिए सबसे पहले आपको समतल एवं साफ जगह का चयन करे और अपना आसन लगाए।

2 आसन लगाने के बाद उस पर पीठ के बल सीधा लेट जाए और हाथों को पीठ के बल सीधा रखें।

3 लम्बी गहरी साँस भरते हुए कोहनी का सहारा लेते हुए पैरो को ऊपर की तरफ उठाए।

4 पैर ऊपर उठने के बाद कुहले और कमर को भी धिरे-धिरे उठाए।

5 ध्यान रखे अपनी असमता के अनुसार ही अपने शरीर ऊपर उठाए।

6 और फिर धिरे -धिरे श्वास को छोडते हुए पैरों को निचे लाए।

7 इस प्राणायम को आप अपनी समता अनुसार एक बार में 60 से 200 सेकण्ड के बिच में कर सकते है।
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सर्वांगासन को करने के फायदे :-


1 सर्वांगासन थॉयराइड ग्रंथि को संतुलित करते है।

2 यह आसन कब्ज से छुटकारा दिलाने में भी फायदेमंद होता है।

3 सर्वांगासन से कमर और गर्दन में खिचाव आता है।

4 ह्रदय और श्वांस प्रणाली को मजबूत बनाता है।

5 सर्वांगासन से कब्ज से राहत मिलती है और पाचन शक्ति मजबूत होती है।

6 अगर आपके कान और गले एवं नाक में कोई परेशानी हो तो सर्वांगासन करने से ये सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

7 सर्वांगासन तंत्रिका तंत्र के लिए लाभदायक होती है।

सर्वांगासन करते समय सावधानियाँ :-


1 सर्वांगासन को करते समय ध्यान रखें आसन को करते समय  समतल जगह का चयन करे।

2 सिरदर्द ,जुकाम , हाई बीपी  रोगी इसे न करे।

3 प्रग्नेंट महिलाएँ ,गर्दन की चोट वाले इसे न करे।

4 सर्वांगासन करते समय लार को गटकें नहीं।

5 अगर आपकी आंखों में ग्लूकोमा की समस्या है तो सर्वांगासन से परहेज रखे।

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