ऊष्ट्रासन ( USTRASANA )

ऊष्ट्रासन ( USTRASANA )

image source:google

ऊष्ट्रासन एक बैकबेंड है जो कंधे के लचीलेपन को बढ़ाता है, कोर ताकत बढ़ाता है और शरीर के पूरे मोर्चे को फैलाता है। यह नाम संस्कृत के उस्तरा से लिया गया है, जिसका अर्थ है "ऊंट," और आसन, जिसका अर्थ है "मुद्रा" या "आसन।

ऊष्ट्रासन को अंग्रेजी में ऊंट मुद्रा भी कहा जा सकता है।

कैसे करे -

सबसे पहले कोई दरी या चटाई फर्श पर बिछाकर उस पर खड़े हो जाये।
अपने घुटनो को मोड़ ले और जमीन पर टच करवा ले।
और फिर अपने हाथों से अपने पैरो की एड़ी को पकड़ने की कोशिश करे।
जहाँ तक आप कर सको उतना ही करो धीरे धीरे और निचे जाने की कोशिश करे।
कई व्यक्ति तो ऐसे होते है जो अपने सीर को अपने पैरो से टच करवाने की कोशिश करते है।
आपको एक दम से ऐसा नहीं करना है क्योकि  उससे आपके शरीर में हानि हो सकती है।
आप धीरे धीरे कुछ दिनों में अभ्यास करते करते ऐसा कर सकते है।
अपनी स्वास प्रकिर्या नार्मल रखे।

फायदे - 

1.  ऊष्ट्रासन छाती, पेट, क्वाड्रिसेप्स और हिप फ्लेक्सर्स को फैलाता है।
 2.  रीढ़ की हड्डी में लचीलापन में सुधार; कंधों और पीठ की मांसपेशियों, जांघों और बाहों को मजबूत करता है;
 3. पेट, श्रोणि और गर्दन के टोन अंग; जांघों पर वसा कम कर देता है;
4. कशेरुक को ढीला करता है; कूल्हों को खोलता है;
 5. और मुद्रा में सुधार करता है।


फिटनेस से रिलेटेड और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए सर्च करे - ohthefitness.com

Comments